प्याज की अच्छी फसल की शुरुआत मजबूत और स्वस्थ नर्सरी से होती है। अगर नर्सरी कमजोर रह गई, तो आगे चलकर खेत में पौधे सही से नहीं बढ़ते और उत्पादन भी कम हो जाता है। बहुत से किसान यही गलती कर बैठते हैं कि नर्सरी पर पूरा ध्यान नहीं देते। जबकि सच्चाई यह है कि अगर नर्सरी के समय सही काम कर लिया जाए, तो मात्र 40 दिन में ही प्याज की नर्सरी पूरी तरह तैयार हो जाती है। इस लेख में हम बिल्कुल आसान भाषा में समझेंगे कि प्याज नर्सरी को तेजी से बढ़ाने के लिए अभी क्या करना चाहिए और सही उपाय क्या है।
प्याज की नर्सरी धीरे क्यों बढ़ती है?
प्याज की नर्सरी धीरे बढ़ने का सबसे बड़ा कारण मिट्टी की खराब तैयारी, बीज की गलत मात्रा और पोषण की कमी होता है। कई बार नर्सरी की जमीन बहुत सख्त होती है, जिससे जड़ें ठीक से फैल नहीं पातीं। कभी-कभी ज्यादा पानी या कम पानी देने से भी नर्सरी कमजोर रह जाती है। अगर शुरुआत में ही ये गलतियां हो जाएं, तो नर्सरी तैयार होने में 55 से 60 दिन तक लग जाते हैं।
प्याज नर्सरी के लिए जमीन कैसी होनी चाहिए?
प्याज की नर्सरी के लिए जमीन भुरभुरी और हल्की होनी बहुत जरूरी है। मिट्टी में पानी रुकना नहीं चाहिए, वरना पौधे पीले पड़ने लगते हैं। नर्सरी की क्यारी थोड़ी ऊंची बनानी चाहिए, ताकि पानी आसानी से निकल जाए। अगर मिट्टी सही तैयार होगी, तो बीज जल्दी अंकुरित होंगे और पौधे तेजी से बढ़ेंगे।
नर्सरी को तेजी से बढ़ाने के लिए अभी कौन-सा काम करें?
अगर आप चाहते हैं कि प्याज की नर्सरी मात्र 40 दिन में तैयार हो जाए, तो सबसे जरूरी काम है सही पोषण और रोग से बचाव। बीज उगने के 10 से 12 दिन बाद हल्का पोषण देना शुरू कर देना चाहिए। इसके साथ-साथ फंगल रोग से बचाव भी जरूरी है, क्योंकि शुरुआती समय में बीमारी लग जाए तो नर्सरी रुक जाती है।
सही पोषण देने से नर्सरी कैसे तेजी से बढ़ती है?
प्याज की नर्सरी में शुरू से ही हल्की मात्रा में नाइट्रोजन और सूक्ष्म पोषक तत्व मिल जाएं, तो पौधे तेजी से हरे-भरे होते हैं। पत्तियां पतली नहीं बल्कि मजबूत बनती हैं और जड़ें गहरी जाती हैं। इससे पौधा ट्रांसप्लांट के लायक जल्दी बन जाता है। सही पोषण से नर्सरी में पौधों की ऊंचाई और मोटाई दोनों बेहतर होती हैं।
नर्सरी में पानी देने का सही तरीका क्या है?
प्याज की नर्सरी में पानी बहुत समझदारी से देना चाहिए। ज्यादा पानी देने से पौधे गल सकते हैं और कम पानी देने से बढ़वार रुक जाती है। हल्की-हल्की सिंचाई सबसे सही मानी जाती है। सुबह के समय पानी देना ज्यादा फायदेमंद रहता है, ताकि दिन में पौधे सूख जाएं और बीमारी न लगे।
40 दिन में नर्सरी तैयार करने का आसान तरीका
नीचे दिए गए टेबल से आप आसानी से समझ सकते हैं कि नर्सरी को तेजी से बढ़ाने के लिए किस समय क्या करना चाहिए और उसका क्या फायदा होता है।
| समय | किया जाने वाला काम | फायदा |
|---|---|---|
| बुआई से पहले | भुरभुरी क्यारी तैयार करना | अच्छा अंकुरण |
| 10–12 दिन बाद | हल्का पोषण देना | तेज बढ़वार |
| 15–20 दिन बाद | रोग से बचाव का छिड़काव | स्वस्थ पौधे |
| 25–30 दिन बाद | संतुलित सिंचाई | जड़ें मजबूत |
| 35–40 दिन बाद | नर्सरी तैयार | रोपाई के लिए तैयार पौधे |
नर्सरी में रोग से बचाव क्यों जरूरी है?
प्याज की नर्सरी में अक्सर सड़न और पत्तियों के पीलेपन की समस्या आ जाती है। अगर समय पर बचाव न किया जाए, तो पूरी नर्सरी खराब हो सकती है। इसलिए हल्के स्तर पर रोग से बचाव करना बहुत जरूरी है। इससे पौधे स्वस्थ रहते हैं और उनकी बढ़वार रुकती नहीं है।
नर्सरी तैयार होने की सही पहचान क्या है?
जब प्याज की नर्सरी रोपाई के लिए तैयार हो जाती है, तो पौधों की मोटाई पेंसिल जैसी हो जाती है और ऊंचाई लगभग 12 से 15 सेंटीमीटर होती है। पत्तियां हरी और सीधी होती हैं और जड़ें सफेद व मजबूत दिखती हैं। ऐसी नर्सरी खेत में लगाने पर जल्दी जम जाती है और आगे चलकर उत्पादन भी अच्छा देती है।
किसान कौन-सी गलती सबसे ज्यादा करते हैं?
बहुत से किसान ज्यादा खाद देने की सोच रखते हैं, जिससे नर्सरी जल जाती है। कुछ किसान पानी जरूरत से ज्यादा दे देते हैं, जिससे पौधे कमजोर हो जाते हैं। याद रखें, प्याज की नर्सरी में संतुलन ही सबसे बड़ी ताकत है। सही मात्रा और सही समय पर किया गया काम ही तेज रिजल्ट देता है।
डिस्क्लेमर
यह लेख किसानों की सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है। नर्सरी की बढ़वार मिट्टी, मौसम और किस्म पर निर्भर करती है। किसी भी खाद या दवा के इस्तेमाल से पहले नजदीकी कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग की सलाह जरूर लें।