Mutual Fund SIP: आज के समय में हर आम इंसान चाहता है कि भविष्य के लिए एक अच्छा-सा फंड तैयार हो जाए, लेकिन बड़ी रकम एक साथ जमा करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। ऐसे में SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान सबसे आसान रास्ता बन जाता है। SIP की खास बात यह है कि इसमें हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम जमा करके भी बड़ा फंड बनाया जा सकता है। यहां हम बहुत ही सरल भाषा में समझेंगे कि अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹3000 की SIP करता है, तो 15% सालाना ब्याज दर के हिसाब से 10 लाख रुपए का फंड बनने में कितने साल लगेंगे।
SIP निवेश क्या होता है
SIP एक ऐसा तरीका है, जिसमें आप हर महीने तय रकम म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। इसमें आपको एक साथ लाखों रुपए लगाने की जरूरत नहीं होती। हर महीने छोटी रकम अपने आप निवेश हो जाती है और समय के साथ वही पैसा बढ़ता चला जाता है। SIP में कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है, यानी आपका पैसा भी कमाई करता है और उस कमाई पर भी आगे कमाई होती है।
₹3000 की SIP आम आदमी के लिए क्यों सही है
₹3000 की SIP इतनी रकम है, जिसे एक नौकरीपेशा व्यक्ति, छोटा व्यापारी या मेहनत-मजदूरी करने वाला इंसान भी आसानी से मैनेज कर सकता है। यह रकम न ज्यादा भारी लगती है और न ही रोजमर्रा के खर्चों पर बहुत असर डालती है। अगर इस SIP को लंबे समय तक बिना रोके चलाया जाए, तो यही छोटी रकम आगे चलकर लाखों का फंड बना देती है।
15% सालाना रिटर्न कैसे माना गया
इस कैलकुलेशन में SIP पर औसतन 15% सालाना रिटर्न माना गया है। इक्विटी म्यूचुअल फंड में लंबे समय में ऐसा रिटर्न मिलना संभव माना जाता है। हालांकि यह रिटर्न हर साल एक जैसा नहीं रहता, कभी ज्यादा तो कभी कम भी हो सकता है, लेकिन लंबे समय में औसत निकालने पर 15% मानना ठीक माना जाता है।
₹3000 की SIP से 10 लाख बनने में कितने साल लगेंगे
अब सबसे जरूरी सवाल पर आते हैं। अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹3000 की SIP करता है और उसे औसतन 15% सालाना रिटर्न मिलता है, तो करीब 11 साल में उसका कुल फंड लगभग 10 लाख रुपए के आसपास पहुंच जाता है। इस दौरान व्यक्ति कुल मिलाकर करीब ₹3.96 लाख रुपए ही निवेश करता है, बाकी रकम ब्याज से बनती है।
आसान भाषा में पूरा कैलकुलेशन समझिए
नीचे दिए गए टेबल से आप बहुत आसानी से समझ सकते हैं कि अलग-अलग समय पर ₹3000 की SIP से पैसा कितना बन सकता है।
| SIP अवधि | कुल निवेश | अनुमानित फंड |
|---|---|---|
| 5 साल | ₹1,80,000 | लगभग ₹2.5 लाख |
| 7 साल | ₹2,52,000 | लगभग ₹4.2 लाख |
| 10 साल | ₹3,60,000 | लगभग ₹8.3 लाख |
| 11 साल | ₹3,96,000 | लगभग ₹10 लाख |
इस टेबल से साफ दिखता है कि शुरुआत में पैसा धीरे बढ़ता है, लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता है, कंपाउंडिंग का असर तेज हो जाता है और फंड तेजी से बढ़ने लगता है।
SIP में समय का महत्व क्यों सबसे ज्यादा है
SIP में सबसे बड़ी ताकत समय होती है। जो लोग SIP को जल्दी शुरू करते हैं और लंबे समय तक चलाते हैं, उन्हें सबसे ज्यादा फायदा मिलता है। अगर कोई व्यक्ति SIP बीच में बंद कर देता है, तो कंपाउंडिंग का पूरा फायदा नहीं मिल पाता। इसलिए SIP में धैर्य रखना बहुत जरूरी है।
क्या SIP बीच में रोकनी चाहिए
बहुत से लोग बाजार गिरते ही घबरा जाते हैं और SIP बंद कर देते हैं, जो सबसे बड़ी गलती होती है। बाजार गिरने पर SIP सस्ती यूनिट खरीदती है, जिससे आगे चलकर ज्यादा फायदा होता है। इसलिए SIP को अच्छे और बुरे दोनों समय में लगातार चालू रखना चाहिए।
₹3000 SIP किसके लिए सबसे फायदेमंद है
यह SIP उन लोगों के लिए बहुत अच्छी है, जो कम उम्र में निवेश शुरू कर सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति 25 से 30 साल की उम्र में ₹3000 की SIP शुरू करता है, तो आगे चलकर बिना ज्यादा बोझ के एक मजबूत फंड तैयार कर सकता है। यह फंड बच्चों की पढ़ाई, घर बनाने या रिटायरमेंट के काम आ सकता है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। म्यूचुअल फंड बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं और रिटर्न तय नहीं होता। ऊपर दिए गए सभी आंकड़े अनुमानित हैं। निवेश करने से पहले किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।