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गेहूँ में बाली निकलने से पहले कर लो ये 1 काम, पैदावार पहुँचेगी 80 क्विंटल तक

गेहूँ की खेती में सबसे अहम समय वही होता है जब फसल बाली निकलने की तैयारी में होती है। इसी स्टेज पर की गई सही देखभाल पूरी मेहनत का रिजल्ट तय करती है। बहुत से किसान खाद तो डालते हैं, लेकिन बाली निकलने से पहले एक जरूरी काम करना भूल जाते हैं, जिसकी वजह से दाने पूरे नहीं भरते और पैदावार रुक जाती है। अगर इसी समय सही उपाय कर लिया जाए, तो गेहूँ की बाली मजबूत होती है, दाने भारी बनते हैं और उत्पादन बहुत बढ़ जाता है। इस लेख में हम बिल्कुल आसान भाषा में समझेंगे कि बाली निकलने से पहले कौन-सा एक काम करना चाहिए, जिससे पैदावार 80 क्विंटल तक पहुंचने में मदद मिलती है।

गेहूँ में बाली निकलने से पहले का समय इतना जरूरी क्यों है?

गेहूँ की फसल जब गांठ बनने और बाली निकलने की स्थिति में पहुंचती है, तब पौधे को सबसे ज्यादा ताकत की जरूरत होती है। इस समय पौधा जमीन से ज्यादा पोषण खींचता है ताकि वह बाली और दाने बना सके। अगर इस स्टेज पर पोषण की कमी रह गई, तो बाली छोटी रह जाती है और दाने ठीक से नहीं भरते। इसलिए बाली निकलने से पहले का समय फसल के लिए सबसे निर्णायक माना जाता है।

बाली कमजोर रहने का मुख्य कारण क्या होता है?

बहुत से खेतों में गेहूँ की फसल बाहर से ठीक दिखती है, लेकिन बाली आने पर दाने हल्के और कम निकलते हैं। इसका मुख्य कारण नाइट्रोजन के साथ पोटाश और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी होता है। कई बार किसान सिर्फ यूरिया पर ध्यान देते हैं, लेकिन पोटाश और माइक्रो न्यूट्रिएंट नहीं देते, जिससे पौधे के अंदर ताकत की कमी रह जाती है।

बाली निकलने से पहले कौन-सा 1 काम जरूर करें?

अगर आप चाहते हैं कि गेहूँ की बाली मोटी आए और दाने पूरे भरें, तो बाली निकलने से करीब 10 से 12 दिन पहले संतुलित पोषण का एक स्प्रे जरूर करें। इस स्प्रे में नाइट्रोजन के साथ पोटाश और जिंक जैसे जरूरी तत्व होने चाहिए। यह स्प्रे सीधे पत्तियों के जरिए पौधे के अंदर जाता है और बाली बनने की प्रक्रिया को मजबूत करता है। यही एक काम पैदावार बढ़ाने में सबसे ज्यादा मदद करता है।

इस काम से गेहूँ की फसल में क्या बदलाव आता है?

इस उपाय के बाद सबसे पहले पौधे का रंग गहरा हरा हो जाता है। पत्तियां मजबूत दिखने लगती हैं और पौधा खड़ा रहता है। जब बाली निकलती है, तो वह लंबी और मोटी दिखाई देती है। दाने भरने की गति तेज हो जाती है और दाने सिकुड़ते नहीं हैं। यही वजह है कि ऐसे खेतों में पैदावार ज्यादा निकलती है।

सही समय और सही तरीका क्यों जरूरी है?

अगर यह काम बहुत जल्दी या बहुत देर से किया गया, तो फायदा कम हो सकता है। बाली निकलने से ठीक पहले किया गया स्प्रे ही सबसे अच्छा रिजल्ट देता है। स्प्रे हमेशा सुबह या शाम के समय करें, जब धूप तेज न हो। खेत में हल्की नमी होनी चाहिए, ताकि पौधा पोषण अच्छे से ले सके।

गेहूँ में बाली मजबूत करने का आसान कैलकुलेशन

नीचे दिए गए टेबल से आप आसानी से समझ सकते हैं कि बाली निकलने से पहले कौन-सा काम कब करना है और उसका क्या फायदा होता है।

विवरणजानकारी
फसल की स्टेजबाली निकलने से 10–12 दिन पहले
जरूरी पोषणनाइट्रोजन + पोटाश + जिंक
तरीकापत्तियों पर स्प्रे
असर दिखने का समय7–10 दिन
फायदामोटी बाली, भरे हुए दाने
पैदावार पर असरउत्पादन में साफ बढ़ोतरी

सिंचाई और देखभाल का सही तालमेल

स्प्रे के एक दिन पहले या अगले दिन हल्की सिंचाई करने से पोषण जड़ों तक अच्छे से पहुंचता है। बहुत ज्यादा पानी देने से नुकसान हो सकता है और बहुत सूखी जमीन में स्प्रे का असर कम हो जाता है। इसलिए संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है।

किसान अक्सर कौन-सी गलती कर बैठते हैं?

कई किसान सोचते हैं कि ज्यादा खाद या ज्यादा स्प्रे करने से ज्यादा पैदावार मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं है। जरूरत से ज्यादा मात्रा देने से पौधे पर उल्टा असर पड़ सकता है। कुछ किसान इस स्टेज को हल्के में ले लेते हैं और कोई खास ध्यान नहीं देते, जिससे फसल अपनी पूरी क्षमता नहीं दिखा पाती।

डिस्क्लेमर

यह लेख किसानों की सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है। उपाय का असर मिट्टी, मौसम, किस्म और खेती के तरीके पर निर्भर करता है। किसी भी खाद या स्प्रे का इस्तेमाल करने से पहले नजदीकी कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग की सलाह जरूर लें।

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