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गेहूं की खेती में कमाल कर देगा ये 1 स्प्रे, फुटाव बढ़ेगा और बालियां आएंगी मोटी-लंबी

गेहूं की खेती में हर किसान चाहता है कि उसकी फसल घनी हो, फुटाव ज्यादा आए और जब बालियां निकलें तो मोटी और लंबी हों, ताकि पैदावार बढ़े और मेहनत का पूरा फल मिले। लेकिन कई बार सही खाद डालने के बाद भी गेहूं वैसा रिजल्ट नहीं देता जैसा उम्मीद होती है। इसकी सबसे बड़ी वजह सही समय पर सही स्प्रे का न होना है। इस लेख में हम बिल्कुल आसान भाषा में समझेंगे कि गेहूं की खेती में ऐसा कौन-सा 1 स्प्रे है जो कमाल कर देता है, जिससे फुटाव तेजी से बढ़ता है और बालियां भरपूर, मोटी और लंबी बनती हैं।

गेहूं में फुटाव और बालियां कमजोर क्यों रह जाती हैं?

बहुत से किसानों के खेत में गेहूं का रंग हल्का रहता है, पौधे पतले होते हैं और फुटाव कम निकलता है। इसका मुख्य कारण जमीन में नाइट्रोजन की कमी, जिंक जैसे सूक्ष्म तत्वों की कमी और समय पर पोषण न मिलना होता है। जब शुरुआती समय में पौधे कमजोर रह जाते हैं, तो आगे चलकर वही कमजोरी बालियों में दिखाई देती है। बालियां छोटी, पतली और दाने कम भरने वाली बनती हैं, जिससे पैदावार घट जाती है।

गेहूं में फुटाव बढ़ाने का सही समय क्या है?

गेहूं में फुटाव बढ़ाने का सबसे अच्छा समय बुआई के 25 से 30 दिन बाद का माना जाता है। इसी समय पौधा नई टिल्लर निकालने की स्थिति में होता है। अगर इस स्टेज पर पौधे को सही पोषण मिल जाए, तो फुटाव तेजी से बढ़ता है और खेत घना नजर आने लगता है। यही मजबूत पौधे आगे चलकर अच्छी बालियां बनाते हैं।

गेहूं की खेती में कौन-सा 1 स्प्रे कमाल करता है?

अगर गेहूं में फुटाव बढ़ाना है और बालियां मोटी-लंबी चाहिए, तो नाइट्रोजन के साथ जिंक मिला हुआ स्प्रे सबसे ज्यादा असरदार माना जाता है। इसमें पानी में घुलनशील यूरिया और जिंक सल्फेट का संतुलित घोल पौधे को तुरंत ताकत देता है। यह स्प्रे पत्तियों के जरिए सीधे पौधे के अंदर जाता है और नई टिल्लर निकलने की प्रक्रिया को तेज करता है। साथ ही जिंक पौधे की ग्रोथ को संतुलित करता है, जिससे आगे चलकर बालियों का आकार बेहतर बनता है।

इस स्प्रे से गेहूं की फसल में क्या बदलाव दिखता है?

इस एक स्प्रे के बाद सबसे पहले गेहूं की पत्तियों का रंग गहरा हरा होने लगता है। पौधा पहले से ज्यादा मजबूत और खड़ा दिखाई देता है। कुछ ही दिनों में खेत में नई टिल्लर निकलती नजर आती हैं। जब फसल बालियां निकालने के स्टेज पर पहुंचती है, तो वही मजबूत पौधे मोटी और लंबी बालियां बनाते हैं, जिनमें दाने अच्छे से भरते हैं।

स्प्रे का असर कितने दिनों में दिखने लगता है?

अगर स्प्रे सही समय और सही तरीके से किया गया है, तो 7 से 10 दिन के अंदर फर्क साफ दिखाई देने लगता है। खेत का रंग बदलने लगता है, पौधों की बढ़वार तेज हो जाती है और फुटाव साफ नजर आता है। इसके बाद जब बालियां आती हैं, तो उनका साइज पहले से बेहतर होता है।

गेहूं के लिए इस स्प्रे का आसान कैलकुलेशन

नीचे दिए गए टेबल से आप आसानी से समझ सकते हैं कि एक एकड़ खेत के लिए स्प्रे कैसे तैयार किया जाता है और उसका फायदा क्या होता है।

विवरणजानकारी
स्प्रे का समयबुआई के 25–30 दिन बाद
मुख्य पोषणनाइट्रोजन + जिंक
स्प्रे की मात्रासंतुलित मात्रा में
असर दिखने का समय7–10 दिन
फायदाफुटाव ज्यादा, बालियां मोटी-लंबी

स्प्रे करते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?

स्प्रे हमेशा सुबह या शाम के समय करें, जब धूप तेज न हो। बहुत तेज धूप में स्प्रे करने से पत्तियां जल सकती हैं और फायदा कम हो जाता है। खेत में हल्की नमी होनी चाहिए, बहुत ज्यादा सूखा या पानी भरा खेत सही नहीं रहता। स्प्रे के एक दिन पहले या अगले दिन हल्की सिंचाई करने से पोषण जड़ों तक अच्छे से पहुंचता है।

किसान कौन-सी गलती सबसे ज्यादा करते हैं?

अक्सर किसान सोचते हैं कि ज्यादा मात्रा में स्प्रे करने से ज्यादा फायदा होगा, लेकिन यह गलत है। ज्यादा दवा या खाद पौधे को नुकसान भी पहुंचा सकती है। कुछ किसान बहुत देर से स्प्रे करते हैं, जब फुटाव का समय निकल चुका होता है। सही समय और संतुलन ही इस स्प्रे की असली ताकत है।

डिस्क्लेमर

यह लेख किसानों की सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। स्प्रे की मात्रा, समय और जरूरत मिट्टी, मौसम और फसल की स्थिति पर निर्भर करती है। किसी भी खाद या दवा का इस्तेमाल करने से पहले नजदीकी कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग की सलाह जरूर लें।

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